Damoh Waterfall, Rajasthan

18-11-2019

“राजस्थान का मौत के कुँए जैसा वो झरना जिसका रास्ता आगरा से होकर जाता है, या यूं कहो कि राजस्थान का वो शानदार झरना जिसका रास्ता ग्वालियर से होकर जाता है!
राजस्थान, चूँकि दूर-दूर तक फैले अपने थार रेगिस्तान के लिए जाना जाता है जहाँ पर ओस की बूंदे भी अमृत सामान होती हैंI राजस्थान, बंजर पहाड़ियों पर बने अपने शानदार किलों के लिए जाना जाता है लेकिन ऐसा नहीं है कि यहाँ सब कुछ रेतीला ही हैI आप जान कर चौंक जाएंगे कि राजस्थान में ऐसे भी झरने है जो हिमाचल या उत्तराखंड के किसी भी झरने को शर्माने पर मजबूर कर देंगेI जी हाँ, ये सौ फीसदी सच है! और मजे की बात ये है कि ये कृष्ण नगरी-मथुरा से पौने दो सौ किलोमीटर भी नहीं है तथा आगरा से सवा सौ भी नहींI ये है, दमोह झरना! सरमथुरा के पास, जिला धौलपुर, राजस्थानI

सरमथुरा नामक कसबे से यहाँ तक पंहुचने का कुछ किलोमीटर का रास्ता भी बेहद रोमांचक है, जो अपने आप में पुरानी फिल्मों के डाँकू और बागियों के ठिकाने सा प्रतीत होता है, एक दम सुनसान और डरावना, दूर दूर तक केवल कंटीली झाड़ियां और पथरीले रास्ते, पीने का पानी कहीं नहीं!

इस झरने की खूबसूरती का आलम ये है कि जब आप इसके नीचे होते हैं तो शायद वसुधारा को भी भूल जायेंगे! लाल पहाड़ों से नीचे गिरने पर ये एक बड़ी और गहरी झील बनाता हुआ आगे बहता है! यहाँ चार चीज़ों का बेहतरीन समावेश है; 1. बेहद ऊंचाई से गिरता झरना 2. लाल चट्टानों का अद्वित्तीय सौंदर्य 3. रहस्मयी झील और 4. घना जंगल! ये जंगल इतना घना है कि झील के दूसरे किनारे जाने के लिए एकमात्र पगडण्डी को छोड़ आप जंगल में आधा किलोमीटर भी अंदर नहीं जा सकतेI
झील का एक किनारा, जहां झरना गिरता है तथा दूसरा किनारा है जहां झील से पानी आगे बहता हुआ निकलता हैI दूसरे किनारे जाकर फोटोग्राफी का शौक पूरा करना मेरे लिए भारी पड़ गया था! मैं पगडण्डी भटक कर तीखे ढलान वाले रास्तों से जंगल में काफी नीचे पंहुच गया, बैग भी मेरे पास नहीं थाI पानी की लगातार जरुरत थी लेकिन पीने का पानी मेरे पास नहीं थाI रस्ते में एक बड़ी गोह मिली, कुछ अन्य जीव भीI हालाँकि मैं प्रकृति के सानिध्य में, पशु पक्षियों की अजीब आवाजों के बीच सुकून भी महसूस कर रहा था परन्तु ज्यादा देर यहाँ भटकते रहने से कोई मुसीबत गले ना पड़ जाय इसलिए चलना बेहतर समझाI
इस झरने की खूबसूरती का आलम ये है कि जब आप इसके नीचे होते हैं तो शायद वसुधारा को भी भूल जायेंगे! लाल पहाड़ों से नीचे गिरने पर ये एक बड़ी और गहरी झील बनाता हुआ आगे बहता है! यहाँ चार चीज़ों का बेहतरीन समावेश है; 1. बेहद ऊंचाई से गिरता झरना 2. लाल चट्टानों का अद्वित्तीय सौंदर्य 3. रहस्मयी झील और 4. घना जंगल! ये जंगल इतना घना है कि झील के दूसरे किनारे जाने के लिए एकमात्र पगडण्डी को छोड़ आप जंगल में आधा किलोमीटर भी अंदर नहीं जा सकतेI
यकीन मानिये, गर्मी के साथ प्यास और चढ़ाई की इस उधेड़-बुन में शक्ल भी राजस्थान जैसी हो गई, चेहरा कुछ गर्म-गर्म मौसम जैसा और त्वचा कुछ लाल-लाल काली-काली चट्टानों और पत्थरों जैसीI
खैर, प्रकृति के बीच इस तकलीफ का आनंद लेते हुए मुख्य पगडण्डी पर पंहुचा तो ग्रुप कुछ सदस्य आते मिले तो कुछ आगे जाते, चैन सा पड़ाI एक सदस्य के हाथ में पानी देखा तो टूट पड़ाI

देखिये, जब भी हम कहीं घूमने जाते हैं तो रोमांच की भी कल्पना करते हैं, मेरा तो बगैर रोमांच के घूमने-फिरने का मन ही नहीं करताI ये एक ऐसी जगह है जहाँ आप पूरे दिन ट्रैकिंग कर सकते हो, पूरे दिन सैंकड़ों फ़ीट ऊपर से गिरने वाले पानी का आनंद ले सकते हो, ठण्ड लगने पर चिकनी चट्टानों पर धूप सेंक सकते हो, गर्मी लगने पर झरने का मजा ले सकते होI लेकिन, जरा संभल कर! जल्दबाजी के चक्कर में यहाँ कई युवा अपनी जान भी गँवा चुके हैं, पानी के ऊपर चिकने पत्थर, नीचे असीम गहराई वाली झील और नुकीले पत्थर कई युवाओं के लिए दर्दनाक मौत का कारण बन चुके हैं! जिस दिन हम यहाँ थे उससे 4-5 दिन पहले भी एक युवक अपनी जान गँवा बैठा थाI

झरने को जोड़ने वाले मुख्य रस्ते से आप पूरे इलाके को देखेंगे तो ये आपको बहुत बड़ा कुआँ दिखाई देगा, जिसकी चौड़ाई लगभग एक किलोमीटर तक है जो आपको एक बेहतरीन व्यू देता हैI ऊपर से देखने पर ऐसा लगता है मानो आसमान से गिरे किसी बड़े पत्थर ने पृथ्वी से टकराकर एक बहुत बड़े गड्ढे का निर्माण किया हो!

झरने के ऊपर: एक तो इस झरने तक बिरले लोग ही जा पाते हैं, इसके सर पर पंहुचने वालों की गिनती तो और भी दुर्लभ हैI रास्ता थोड़ा मुश्किल था, समय भी कम अत: बाइक में सेल्फ लगाया और चिकनी चट्टानों एवं उबड़-खाबड़ पत्थरों से होते हुए मुश्किल से बाइक को झरने के मुकुट तक पंहुचायाI यहाँ पंहुचने के बाद नज़ारे ने जो विस्मय फैलाया, पूछो मत! पैसे-धेले क्या कपडे-थैले तक वसूल हो गए! इस जगह को अगर मैं स्वर्ग कहूँ तो यकीन मानिये कि प्राकृतिक नज़ारों का सम्मान करने वाला कोई भी व्यक्ति मेरी आलोचना नहीं कर सकताI नजदीक से देखने पर गहरा एवं बेहद खतरनाक कुआँ, थोड़ा दूर से देखने पर उल्कापिंड के टकराने से बना क्रेटर! कुछ ऐसा ही दृश्य था यहाँ का!

मन तो कर रहा था कि काश यहाँ कोई खाट मिल जाय तो जीवन के ढेर सारे कीमती पल यहीं गुज़ार दूँ! बार-बार यही मन कर रहा था कि यहीं फ़ैल जाऊं या रस्सा लेकर झरने के ऊपर से नीचे तक झूल जाऊं! हवा में झरने के ठीक बीचों-बीच (जहां से गिर रहा है और जहाँ तक गिर रहा है) प्रकृति के इस अप्रितम सौंदर्य का लुत्फ़ उठाऊं! लेकिन समय को ये मंजूर नहीं था, चलने का बुलावा आ गयाIये सचमुच कमाल की जगह है! आधा हिस्से में, रोमांच पैदा करने वाली गर्ज़ना के साथ गिरता झरना और झील तथा बाकी में वन्य जीवों को शरण देता घना जंगल! बेहद सुन्दर, बेहद खतरनाकI इसकी सुंदरता, एकांतता और सजीवता का वर्णन करने के लिए मेरे पास इससे ज्यादा शब्द नहीं हैंIदमोह झरना, सरमथुरा, जिला धौलपुर, राजस्थान (12-Aug-19)”

– Prince Kumar, Manager Examination Department, BIMTECH

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